जाने क्या बात है,
मेरा दिल आज उदास है
चहल पहल है चारों ओर
पर दिल में रुस्वाई है,
दुआ नहीं है आज होंठों पे
एक बेबसी सी छायी है…
मेरी मुहब्बत है मुझसे बिछडी,
या किसी कायामत का आगाज़ है,
ऐसा क्या खास है
जो मेरा दिल आज उदास है…
फूल एक दम बेरंग हैं,
खुशबू भी किसी ने चुराई है,
भंवरों ने भी आज,
ना लौट आने की कसम खाई है…
मेरी ज़िंदगी की मुझसे जुदाई है,
ये गहराई में दफन कोई राज़ है,
जाने क्या बात है,
मेरा दिल आज उदास है..
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