खामोश रहता हूँ क्योंकि अभी दुनिया को समझ रहा हूँ, 
वक्त जरूर लूंगा...!

पर जिस दिन दाँव खेलूंगा,
उस दिन खिलाड़ी भी मेरे होंगे और खेल भी मेरा....!

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