on April 15, 2015 Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps ना जाने क्यों वो हमसे मुस्कुरा के मिलते हैं, अन्दर के सारे गम छुपा के मिलते हैं, जानते हैं आँखे सच बोल जाती हैं, शायद इसी लिए वो नज़र झुका के मिलतें हैं Comments
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