सिलसिला वफाओ का एक नया चलाया मैने,
न उसको याद रखा न ही भुलाया मैने.
हंसी उतार कर चेहरे से फेंक दी लेकिन,
फिक्र-ए-यार में कोई अशक न बहाया मैने.

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