मेरे प्यार मे क्या कमी रह गई
मेरी तन्हा-सी क्यों जिन्दगी रह गई

बहुत मिन्नतें की तुम्हारे लिए
अधूरी मगर आरजू रह गई

बहुत आरजू थी तेरे प्यार की
मगर आँख में बस नमी रह गई

भुलाने की कोशिश बहुत हमने की
मगर याद दिल मे बसी रह गई

अब कभी भी न मिल पाउगा मै तुम्हें
तू जुदा थी जुदा है जुदा रह गई

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